चंडीगढ़ 10 फरवरी 2026(जगदीश कुमार) चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा सिसवां क्षेत्र में अवैध निर्माणों के आंकड़ों में गड़बड़ी पर सवाल उठाए जाने के करीब एक महीने बाद ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) ने अदालत को जानकारी दी है कि पूरे जिले में सर्वे कर 193 अवैध निर्माणों की पहचान की गई है। इनमें सिसवां गांव के 28 अवैध निर्माण भी शामिल हैं, जिनका पहले उल्लेख किया गया था।GMADA ने कोर्ट को बताया कि इन निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अथॉरिटी की ओर से 5 फरवरी की एक्शन टेकन रिपोर्ट अदालत में पेश की गई, जिसमें बताया गया कि वन विभाग के हलफनामे में जिलेभर में 182 डिफॉल्टर बताए गए थे। इसके बाद GMADA के रेगुलेटरी ब्रांच को विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए गए।GMADA के अनुसार, सर्वे के आधार पर पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट 1995 और पंजाब न्यू कैपिटल पेरिफेरी (कंट्रोल) एक्ट 1952 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।अथॉरिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि सर्वे प्रक्रिया अभी जारी है और 31 मार्च तक जिले में डीलिस्टेड फॉरेस्ट लैंड पर बने सभी अवैध निर्माणों का निरीक्षण पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।हाईकोर्ट ने 8 जनवरी को GMADA और वन विभाग के आंकड़ों में विरोधाभास पर नाराजगी जताते हुए पूरे मोहाली जिले की विस्तृत सूची पेश करने के निर्देश दिए थे।
मोहाली में 193 अवैध निर्माण चिन्हित, GMADA ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट
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