पंजाब 19 जनवरी पंजाब सरकार द्वारा आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) को फेसलेस बनाने का फैसला केवल एक प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस बदलाव का स्पष्ट संदेश देते हुए लुधियाना स्थित आरटीओ कार्यालय के एक कमरे को बंद कर उसकी चाबियां डस्टबिन में फेंक दीं, जिससे यह साफ हो गया कि अब पुरानी कार्यप्रणाली पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।इस योजना के लागू होने के बाद परिवहन विभाग से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे या हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे सेवाओं का लाभ ले सकेंगे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए विभाग के कर्मचारी स्वयं आवेदकों के घर जाकर कार्य करेंगे।अब आरटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता केवल सीमित कार्यों के लिए ही होगी, जैसे ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी या वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) का नवीनीकरण।सरकार का मानना है कि इस फैसले से रिश्वत मांगने और देने की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि तय समय में काम पूरा नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह पहल न केवल व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाएगी, बल्कि आम जनता के बीच सरकारी तंत्र के प्रति भरोसा बहाल करने में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।
आरटीओ को पूरी तरह ‘फेसलेस’ बनाने की पहल, भ्रष्टाचार पर सरकार का कड़ा संदेश
RELATED ARTICLES


