दिल्ली 24 जनवरी 2026 (आई 1 न्यूज़ ) 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में जब देशभर की निगाहें भव्य झांकियों पर टिकी होंगी, तब पंजाब सरकार की झांकी मानवता, करुणा, आस्था, बलिदान और सिख मूल्यों का जीवंत संदेश लेकर सामने आएगी। यह झांकी केवल एक दृश्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि उस पंजाब की आवाज होगी, जिसने सदियों से इंसानियत की रक्षा के लिए हर चुनौती का डटकर सामना किया है।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस बार ऐसा विषय चुना है, जो सिख इतिहास की महान परंपरा को सम्मान देने के साथ-साथ पूरे देश को यह स्मरण कराता है कि भारत की आत्मा करुणा, सह-अस्तित्व और त्याग में बसती है।पंजाब की झांकी को ट्रैक्टर और ट्रेलर के रूप में दो हिस्सों में तैयार किया गया है। ट्रैक्टर के अग्र भाग पर बना हुआ हाथ का प्रतीक मानवता, दया और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। इसके साथ घूमता हुआ ‘एक ओंकार’ का चिन्ह यह दर्शाता है कि ईश्वर एक है और पूरी सृष्टि एक सूत्र में बंधी हुई है, जो एकता और समरसता का प्रतीक बनकर उभरता है।झांकी में गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब का भव्य मॉडल भी शामिल किया गया है, वही पावन स्थल जहाँ नौवें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने मानवता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।इसके साइड पैनलों में भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी की शहादत को जीवंत रूप में दर्शाया गया है। उनकी वीर गाथाएं यह संदेश देती हैं कि सच्चाई और धर्म की रक्षा के लिए जीवन का बलिदान भी छोटा पड़ जाता है।पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहीदी दिवस ऐतिहासिक स्तर पर मनाया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मान सरकार सिख इतिहास को केवल स्मरण नहीं करती, बल्कि उसके मूल्यों को आत्मसात कर उन्हें व्यवहार में उतारती है। श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित भव्य कार्यक्रम, देश-विदेश से निकले नगर कीर्तन और भाई जैता जी स्मारक स्थल पर विधानसभा का विशेष सत्र ये सभी आयोजन सरकार की दूरदर्शी और संवेदनशील नेतृत्व शैली को दर्शाते हैं।
कर्तव्य पथ पर पंजाब की झांकी बनेगी मानवता और बलिदान का संदेश, सिख मूल्यों की दिखेगी झलक
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