हिमाचल कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की प्रक्रिया जहां तेजी से आगे बढ़ रही है, वहीं गगल–कछियारी फोरलेन परियोजना की अलाइनमेंट और सरकार के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) प्लान को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लंबे समय से इन दोनों मुद्दों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है, जिससे सैकड़ों कारोबारी और दुकानदार असमंजस में हैं।जा नकारी के अनुसार, गगल क्षेत्र में करीब 600 दुकानें हवाई अड्डा विस्तार की जद में आ रही हैं। इसके अलावा चार होटल, दो मॉल, लगभग 150 वर्कशॉप और चार फर्नीचर शोरूम भी प्रभावित होंगे। वर्तमान में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया के तहत करीब 1050 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है।दूसरी बार विस्थापन का डरप्र भावित दुकानदार और वर्कशॉप संचालक नई जगह बसना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आशंका है कि यदि भविष्य में राजोल–कछियारी फोरलेन की अलाइनमेंट बदली गई, तो उनकी नई जमीन भी परियोजना की चपेट में आ सकती है। ऐसे में वे दोबारा विस्थापन झेलने की स्थिति में नहीं हैं।इस पूरे मामले पर न तो प्रशासनिक अधिकारी और न ही सरकार व विपक्ष के नेता खुलकर कुछ कहने को तैयार हैं। होटल रिवर रिट्रीट के संचालक राजकपूर ने बताया कि उनके पास निजी जमीन है और वे उसी पर नया होटल बनाएंगे, जबकि होटल निविया के संचालक ने भी नई जमीन तलाशने की बात कही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को आर एंड आर प्लान पर भी उतनी ही गंभीरता और तेजी दिखानी चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों की शंकाओं का समाधान हो सके।
कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार तेज, लेकिन गगल-कछियारी फोरलेन की अलाइनमेंट पर अनिश्चितता बरकरार
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