चंडीगढ़ 19 फरवरी 2026 (आई 1 न्यूज़ ) चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस की हालिया बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi के भावुक बयान ने सूबे की राजनीति को फिर गर्मा दिया है। बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि यदि उनकी ही पार्टी में उनकी बात नहीं सुनी जानी, तो वे राजनीति छोड़कर घर बैठ जाएंगे। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर जारी खींचतान और गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है।बीते कुछ दिनों में यह दूसरा अवसर है जब चन्नी विरोधी खेमे के निशाने पर आए हैं। इससे पहले संगठन में दलित समाज को अधिक हिस्सेदारी देने संबंधी उनका एक वीडियो सामने आया था, जिसने प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हलचल पैदा कर दी। वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि दलित वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न मिलने पर कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।चन्नी खुद को गरीब परिवार से आया और दलित समाज की आवाज बताकर सामाजिक न्याय की राजनीति को अपना मूल एजेंडा बताते रहे हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उन्होंने इसी मुद्दे को प्रमुखता दी थी। उनके समर्थक इसे हाशिये पर खड़े वर्गों की आवाज बुलंद करने की कोशिश मानते हैं, जबकि विरोधियों का आरोप है कि वे जातीय पहचान को राजनीतिक आधार बना रहे हैं।
बैठक में दिए गए ताजा बयान के बाद पार्टी के भीतर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ नेताओं ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया, तो समर्थकों ने इसे आत्मसम्मान की लड़ाई बताया। चन्नी के करीबी नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि यदि यह बयान आंतरिक बैठक में दिया गया था, तो इसे सार्वजनिक किसने किया।पहले से गुटबाजी और नेतृत्व संकट से जूझ रही पंजाब कांग्रेस में अब दलित प्रतिनिधित्व का मुद्दा नई बहस छेड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चन्नी का रुख केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संगठन में अपनी भूमिका और सामाजिक समीकरणों को लेकर स्पष्ट संदेश भी हो सकता है।
कांग्रेस बैठक में भावुक हुए चरणजीत सिंह चन्नी, बोले मेरी बात नहीं सुनी जाती तो राजनीति छोड़ दूं’ दलित प्रतिनिधित्व पर बढ़ी तकरार
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