ईरान-इजराइल जंग के बीच सरकार ने बुधवार को सभी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने की। बैठक में मिडिल ईस्ट पर के हालातों और देश में गैस-तेल की उपलब्धता सरकार ने विपक्ष के सवालों के जवाब दिए। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष ने कहा है कि वो सरकार के साथ है। वहीं बैठक से बाहर निकले कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने सर्वदलीय बैठक को असंतोषजनक बताया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मुख्य मांग है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा और राज्यसभा में विस्तृत चर्चा कराई जाए। बैठक से पहले ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने बैठक में शामिल ना होने का फैसला लिया है। वहीं, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर सभी दलों के मिडिल ईस्ट के हालतों पर ब्रीफिंग दी। बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल रहे। 24 मार्च: राज्यसभा में मोदीने कहा था- आने वाला वक्त सबसे बड़ी परीक्षा पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर मंगलवार को राज्यसभा में कहा था कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। 23 मार्च : लोकसभा में मोदी ने कहा था- 41 देशों से तेल-गैस इंपोर्ट कर रहे पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने लोकसबा में पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा था कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… सर्वदलीय बैठक से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…देश | दैनिक भास्कर


