उत्तराखंड 14 जनवरी देहरादून उत्तराखंड घूमने की योजना बना रहे लोगों के लिए यात्रा अब पहले से महंगी हो गई है। राज्य सरकार ने बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस (Green Cess) लागू कर दिया है, जिसके बाद प्रदेश में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है।हालांकि, ग्रीन सेस वसूली के पहले दिन सभी वाहनों से शुल्क नहीं लिया जा सका। अधिकारियों के अनुसार, नेटवर्क कनेक्टिविटी की समस्या और शुरुआती चरण की तकनीकी खामियों के कारण प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु नहीं हो पाई। पहले दिन करीब 850 वाहनों को रोका गया, जिनमें से 650 वाहनों से ग्रीन सेस वसूला गया, जबकि बाकी वाहनों को तकनीकी कारणों से बिना शुल्क आगे जाने दिया गया।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहिया वाहन, तिपहिया वाहन और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ग्रीन सेस के दायरे से बाहर रखा गया है। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, सैन्य और अन्य जरूरी सेवाओं वाले वाहनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।दरअसल, ग्रीन सेस को 1 जनवरी 2026 से लागू करने की योजना थी, लेकिन तकनीकी तैयारियां पूरी न होने के कारण उस समय यह व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी थी। अब आवश्यक सिस्टम और तकनीकी संसाधनों के तैयार होने के बाद इसे लागू कर दिया गया है।सरकार का कहना है कि ग्रीन सेस से मिलने वाली राशि का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सड़क अवसंरचना के सुधार में किया जाएगा। पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में वाहनों से बढ़ते प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकता है।पर्यटन से जुड़े कारोबारियों और यात्रियों का कहना है कि इस फैसले से बाहर से आने वाले सैलानियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, प्रशासन का तर्क है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए यह कदम जरूरी है और इससे लंबे समय में राज्य को लाभ होगा।आने वाले दिनों में जैसे-जैसे तकनीकी खामियां दूर होंगी, ग्रीन सेस की वसूली पूरी तरह से सुचारु होने की संभावना जताई जा रही है।
बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन सेस लागू, उत्तराखंड की ट्रिप अब पड़ेगी ज्यादा खर्चीली
RELATED ARTICLES


