चंडीगढ़ 20 जनवरी (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ के सबसे पुराने और व्यस्त बाजारों में शुमार सेक्टर-22 स्थित शास्त्री मार्केट अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नए स्वरूप में नजर आएगा। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास परियोजना की आधारशिला रखी।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि शहरों के पुराने बाजार केवल व्यापार के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन की धड़कन होते हैं। ऐसे बाजारों के पुनर्विकास के दौरान नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना आवश्यक है, ताकि विकास समावेशी और टिकाऊ बना रहे।जानकारी के अनुसार, यह परियोजना वर्ष 2026 के अंत तक पूरी की जाएगी, जिस पर लगभग 6 से 8 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना का वित्तपोषण शास्त्री मार्केट के दुकानदारों द्वारा किया जाएगा।पुनर्विकास योजना के तहत बाजार की दुकानों का स्तर लगभग तीन फीट ऊंचा किया जाएगा और छतों की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही बाजार को सोलर एनर्जी आधारित बनाया जाएगा, जिससे ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। सुरक्षा के लिहाज से 100 से 150 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।इसके अलावा, बाजार में स्मार्ट और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था, वाई-फाई सुविधा, पानी के टैंक और अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद शास्त्री मार्केट न केवल व्यापारियों बल्कि ग्राहकों के लिए भी एक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक शॉपिंग डेस्टिनेशन बन जाएगा।
शास्त्री मार्केट बनेगा आधुनिक शॉपिंग हब 8 करोड़ रुपये की लागत से होगा कायाकल्प, स्मार्ट पार्किंग और CCTV से होगी लैस
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