24 जनवरी 2026 मध्यप्रदेश कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिषेक तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वर्तमान में वे नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (NTRO) में पदस्थ थे। इस्तीफे के पीछे उन्होंने साइबर तकनीक के क्षेत्र में कुछ नया करने की योजना को कारण बताया है।6 अप्रैल 1984 को सिवनी में जन्मे अभिषेक तिवारी ने जबलपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद आईआईएम इंदौर से फाइनेंस में पीजीडीएम किया। आईपीएस बनने से पहले उन्होंने मुंबई की एक मैनेजमेंट कंपनी में दो साल तक डिप्टी मैनेजर के रूप में काम किया।2012 में यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद उनका चयन 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी के रूप में हुआ। पुलिस सेवा के दौरान वे रतलाम, बालाघाट और सागर जिले में एसपी के पद पर रह चुके हैं।बालाघाट में अभियान से मिली वीरता पदक की उपलब्धिअभिषेक तिवारी की बतौर एसपी पहली पोस्टिंग बालाघाट जिले में हुई थी। यहां उनके प्रभावी अभियान और साहसिक कार्रवाई के चलते उन्हें राष्ट्रपति का वीरता पदक प्रदान किया गया था।सागर हादसे के बाद हटाए गए थे पद सेकरीब एक साल पहले सागर जिले में एसपी रहते हुए बारिश के दौरान दीवार गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई थी। यह हादसा रहली विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर गांव में हुआ था। घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टर, एसपी और एसडीएम को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अभिषेक तिवारी को एसपी पद से हटा दिया गया था।हालांकि इस फैसले पर सवाल भी उठे थे, क्योंकि उस समय तिवारी केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए रिलीव होने की मांग कर रहे थे, लेकिन राज्य सरकार उन्हें रिलीव नहीं कर रही थी। हादसे के बाद अचानक उन्हें पद से हटा दिया गया।अब उन्होंने पुलिस सेवा से इस्तीफा देकर साइबर तकनीकी क्षेत्र में नई शुरुआत करने का फैसला लिया है।
साइबर तकनीक में कुछ नया करने की चाह एमपी कैडर के आईपीएस अभिषेक तिवारी ने दिया इस्तीफा
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