चंडीगढ़ 22 फरवरी 2026( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ सीमित जमीन और बढ़ती आबादी के दबाव से जूझ रहे Chandigarh में अब शहरी विकास का नया मॉडल अपनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन “लिमिटेड लैंड, अनलिमिटेड स्पेस” की अवधारणा के तहत Singapore के भूमि प्रबंधन और हाईराइज विकास मॉडल का अध्ययन कर रहा है। इसी सिलसिले में डीसी निशांत कुमार यादव और नगर निगम आयुक्त अमित कुमार एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत सिंगापुर पहुंचे हैं।सिंगापुर लैंड अथॉरिटी लगभग 11 हजार हेक्टेयर (करीब 27 हजार एकड़) क्षेत्र में फैली संपत्तियों का डिजिटल और कानूनी रूप से सुरक्षित प्रबंधन करती है। वहां खरीद-फरोख्त, ट्रांसफर, सरकारी देनदारियां और कानूनी विवाद तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी है। चंडीगढ़ का कुल क्षेत्रफल भी लगभग 114 वर्ग किलोमीटर (करीब 28 हजार एकड़) है, जिससे प्रशासन यह समझना चाहता है कि सीमित जमीन में सुव्यवस्थित ऊर्ध्वाधर विकास कैसे संभव हुआ।शहर में ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट के तहत सेक्टर-2 से 17 तक लगभग 7 हजार संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जिनमें से 5,200 का सर्वे पूरा हो चुका है। ‘लैंड स्टैक’ प्रोजेक्ट के जरिए हर संपत्ति का एकीकृत डाटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिससे एक क्लिक पर स्वामित्व, नक्शा पासिंग और देनदारियों की जानकारी मिल सकेगी।सेक्टर-1 से 30 तक हेरिटेज पाबंदियां लागू हैं, इसलिए प्रशासन की नजर दक्षिणी सेक्टरों और सेक्टर-31 के बाद के इलाकों पर है, जहां नियमानुसार हाईराइज विकास की संभावना है। यदि मॉडल सफल होता है तो किफायती आवास, पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। फिलहाल प्रशासन अध्ययन चरण में है, लेकिन शहर स्मार्ट और डिजिटल विकास की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।
सिंगापुर मॉडल पर चलेगा चंडीगढ़ सीमित जमीन के बीच हाईराइज और डिजिटल प्रॉपर्टी सिस्टम की तैयारी
By eye1news
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