चंडीगढ़ 4 फरवरी 2026( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 14 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र के माता-पिता को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा तय किए गए 6.40 लाख रुपये के मुआवजे को बढ़ाकर 14.18 लाख रुपये कर दिया। जस्टिस अर्चना पुरी ने कहा कि मुआवजा तय करते समय मृतक की भविष्य की संभावनाओं और अनुमानित आय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।माता-पिता की ओर से अधिवक्ता वाणी सिंह ने अदालत को बताया कि बच्चा पढ़ाई और खेलों दोनों में प्रतिभाशाली था, लेकिन ट्रिब्यूनल ने इसे नजरअंदाज कर दिया। वहीं बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता राहुल पठानिया ने सुनवाई के दौरान सौहार्दपूर्ण समझौते का प्रस्ताव रखा, जिसे माता-पिता ने स्वीकार कर लिया।
हाईकोर्ट ने मृतक की काल्पनिक मासिक आय 8,500 रुपये मानते हुए वार्षिक आय 1.02 लाख रुपये तय की। इसके बाद भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए इसमें 40 प्रतिशत की वृद्धि जोड़ी गई। कोर्ट ने 18 का मल्टीप्लायर लगाकर कुल मुआवजा 14.18 लाख रुपये निर्धारित किया।ट्रिब्यूनल पहले ही 6.90 लाख रुपये का भुगतान कर चुका था, इसलिए अब माता-पिता को अतिरिक्त 7.28 लाख रुपये मिलेंगे। हाईकोर्ट ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि शेष राशि 6 सप्ताह के भीतर भुगतान की जाए। कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के फैसले को अपर्याप्त मानते हुए मुआवजा बढ़ाया।
हाईकोर्ट का मानवीय फैसला 14 वर्षीय छात्र की मौत पर मुआवजा 14.18 लाख किया
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