हिमाचल प्रदेश 12 जनवरी हिमाचल प्रदेश को अपना पहला हाई-लेवल डबललेन पुल मिल गया है। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत गोबिंदसागर झील पर निर्मित नंद नगरांव पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल संपर्क सड़कों का काम शेष है, जिसे मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।इस पुल के चालू होते ही कोटधार क्षेत्र के लोगों को झंडूता पहुंचने के लिए मांडवां होकर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। विभागीय जानकारी के अनुसार यह पुल प्रदेश में नई तकनीक से निर्मित पहला हाई-लेवल डबललेन पुल है।387 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा पुलशु रुआत में पुल की लंबाई 330 मीटर प्रस्तावित की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते इसे बढ़ाकर 387 मीटर कर दिया गया। पुल की कुल चौड़ाई 12 मीटर है, जिसमें 7.5 मीटर चौड़ा वाहन मार्ग और दोनों ओर पैदल यात्रियों के लिए पथ बनाए गए हैं। यह पुल पनौल झंडूता–नंद नगरांव सड़क पर स्थित है।सड़क उन्नयन पर 22 करोड़ खर्चयोजना के तहत पहले पनौल से झंडूता तक की सड़क का उन्नयन कर उसे मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर) का दर्जा दिया गया, जिस पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च किए गए।20 किलोमीटर दूरी होगी कमपु ल के सुचारू होने से झंडूता और कोटधार क्षेत्र के बीच की दूरी करीब 20 किलोमीटर कम हो जाएगी। लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल को जून 2020 में स्वीकृति मिली थी, जबकि इसका शिलान्यास 21 फरवरी 2021 को किया गया था।16 पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभपरियोजना का लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। पुल के निर्माण से कोटधार क्षेत्र की करीब 16 पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल का पहला हाई-लेवल डबललेन पुल बनकर तैयार, कोटधार को झंडूता से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
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