चंडीगढ़ 19 जनवरी ( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ को जल्द ही अपना पहला कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट मिलने जा रहा है। नगर निगम (MC) और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सहयोग से डड्डू माजरा डंपिंग ग्राउंड में लगभग 125 करोड़ रुपये की लागत से यह अत्याधुनिक संयंत्र स्थापित किया जाएगा। परियोजना के दिसंबर 2028 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।यह प्लांट करीब 10 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। समझौते के तहत नगर निगम IOCL को यह भूमि कम से कम 15 वर्षों के लिए मात्र 1 रुपये प्रति एकड़ प्रति माह की नाममात्र दर पर लीज पर देगा। नगर निगम इस परियोजना में कोई वित्तीय निवेश नहीं करेगा, जबकि प्लांट का डिज़ाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और रखरखाव पूरी तरह IOCL द्वारा किया जाएगा।सोमवार से इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत होगी, जब यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया IOCL को भूमि सौंपेंगे। महापौर हरप्रीत कौर बबला ने इस परियोजना को चंडीगढ़ के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि इससे दादूमाजरा और आसपास के क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी।यह संयंत्र प्रतिदिन 200 टन पृथक किए गए जैविक नगर ठोस कचरे और 30 टन गोबर का प्रसंस्करण करेगा। इससे कंप्रेस्ड बायोगैस के साथ-साथ फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर और लिक्विड फर्मेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर जैसे उपयोगी उप-उत्पाद भी तैयार होंगे।नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने बताया कि इस परियोजना को लेकर नगर निगम और IOCL के बीच डिज़ाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट (DBFO) मॉडल के तहत एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।उन्होंने कहा, “नगर निगम की भूमिका केवल भूमि उपलब्ध कराने और प्रतिदिन पृथक जैविक कचरा व गोबर की आपूर्ति सुनिश्चित करने तक सीमित होगी। शेष सभी जिम्मेदारियां IOCL निभाएगा।”समझौते के अनुसार नगर निगम IOCL को 200 टन प्रतिदिन जैविक कचरा निःशुल्क उपलब्ध कराएगा, जबकि गोबर के संग्रह, हैंडलिंग और परिवहन का खर्च IOCL वहन करेगा। इसके साथ ही कंपनी लीचेट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करेगी, सभी पर्यावरणीय मानकों का पालन करेगी, आवश्यक वैधानिक अनुमतियां प्राप्त करेगी और संचालन से जुड़ा डेटा नगर निगम के साथ साझा करेगी।
चंडीगढ़ में 125 करोड़ रुपये का पहला कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट बनेगा,डड्डू माजरा में लगेगी यूनिट
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