चंडीगढ़ 20 जनवरी ( जगदीश कुमार)चंडीगढ़।मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई रफ्तार देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रदेश के प्रमुख बस टर्मिनलों के व्यापक आधुनिकीकरण के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का मकसद यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराना है।परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि लुधियाना, जालंधर, संगरूर, पटियाला और बठिंडा के बस टर्मिनलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत अपग्रेड किया जाएगा। इन टर्मिनलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर उनकी संचालन क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था और सेवा गुणवत्ता में बड़ा सुधार किया जाएगा।उन्होंने बताया कि लुधियाना और जालंधर बस टर्मिनलों से प्रतिदिन करीब 75 हजार से 1 लाख यात्री सफर करते हैं, जबकि पटियाला और बठिंडा में रोज़ाना लगभग 50 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। यह आंकड़े इन टर्मिनलों की अहमियत को स्पष्ट करते हैं।सरकार ने पश्चिमी पंजाब के बठिंडा से लेकर दोआबा क्षेत्र के जालंधर तक, साथ ही लुधियाना, संगरूर और पटियाला जैसे उच्च यात्री भार वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता में रखा है। योजना के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की आवाजाही प्रभावित न हो और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।यह परियोजना लंबे समय से चली आ रही बुनियादी ढांचे की खामियों, संचालन संबंधी समस्याओं और यात्रियों की अपर्याप्त सुविधाओं को दूर करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। बस टर्मिनलों का विकास डिज़ाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर (DBFOT) और बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के तहत किया जाएगा।सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि यात्रियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
पंजाब में बस टर्मिनलों की सूरत बदलेगी, मान सरकार ने मेगा आधुनिकीकरण योजना को दी मंज़ूरी
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