उत्तर प्रदेश 31 जनवरी 2026 (आई 1न्यूज़) प्रदेश के
कौशाम्बी। देश के 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरे देश में सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर शान से तिरंगा फहराया गया, वहीं कौशाम्बी जिले में मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना से जुड़े एक स्थल पर भारी लापरवाही सामने आई है। जिले के अमृत सरोवर परिसर में गणतंत्र दिवस के दिन न तो ध्वजारोहण किया गया और न ही कोई जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नजर आया, जिससे सरकारी निर्देशों की खुली अवहेलना होती दिखी।बताया जा रहा है कि अमृत सरोवर को ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और जनभागीदारी का प्रतीक माना जाता है। सरकार द्वारा इस योजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर यहां तिरंगा न फहराया जाना प्रशासन की उदासीनता को उजागर करता है। गणतंत्र दिवस के दिन अमृत सरोवर का फ्लैग होस्टिंग स्थल पूरी तरह वीरान नजर आया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी और रोष व्याप्त है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अमृत सरोवर योजना को लेकर बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उनका आरोप है कि योजना कागजों तक सीमित होकर रह गई है। राष्ट्रीय पर्व पर जब हर सार्वजनिक स्थल पर देशभक्ति का माहौल होना चाहिए था, उस दिन अमृत सरोवर पर सन्नाटा पसरा रहा और तिरंगा नदारद रहा।
ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब शासन-प्रशासन द्वारा पहले से ही गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाते हैं, तो फिर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी ड्यूटी क्यों नहीं निभाई। उनका कहना है कि यदि इस तरह की लापरवाही जारी रही तो जनता का भरोसा सरकारी योजनाओं से उठता चला जाएगा।मामले को लेकर अब प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि उच्च अधिकारी इस पूरे प्रकरण की जांच कराएं और दोषी जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा के साथ कोई खिलवाड़ न हो और अमृत सरोवर जैसी योजनाएं केवल शोपीस बनकर न रह जाएं।
कौशाम्बी में गणतंत्र दिवस पर बड़ा प्रशासनिक लापरवाही का मामला, अमृत सरोवर पर नहीं फहराया तिरंगा, सरकारी निर्देशों की उड़ीं धज्जियाँ
RELATED ARTICLES


