चंडीगढ़ 24 फरवरी 2026( आई 1 न्यूज़ ) चंडीगढ़। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर सेवा की कीमत तय होती है, वहीं एक ऐसी अनोखी पहल भी लोगों को जोड़ रही है, जहां न रुपये जमा होते हैं और न ही कोई आर्थिक लेन-देन होता है। यहां जमा होता है केवल समय। इस सामाजिक पहल का नाम है Time Bank of India, जिसका उद्देश्य समाज में पारस्परिक सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करना है।देशभर के 420 शहरों में सक्रिय इस संस्था से 9,278 से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। ट्राइसिटी—चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला—में करीब 450 सदस्य टाइम बैंक से जुड़े हैं, जिनमें लगभग 250 सदस्य अकेले चंडीगढ़ से हैं। अब तक ट्राइसिटी में करीब 200 घंटे का समय क्रेडिट के रूप में जमा हो चुका है।टाइम बैंक की कार्यप्रणाली बेहद सरल है। सदस्य किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करते हैं—जैसे अस्पताल ले जाना, दवा लाना, बुजुर्गों को साथ समय देना या किसी जरूरी स्थान तक छोड़ना। इसके बदले उन्हें “टाइम क्रेडिट” मिलता है। भविष्य में जरूरत पड़ने पर वे अपने जमा समय का उपयोग सहायता लेने के लिए कर सकते हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति बिना किसी शुल्क के सदस्य बन सकता है। सुरक्षा के लिए हर सदस्य का सत्यापन किया जाता है और पूरा सिस्टम ऑनलाइन संचालित होता है।संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि यह पहल विशेष रूप से उन लोगों के लिए सहारा बन रही है जो अकेले रहते हैं या जिनके परिवार दूर रहते हैं। इस मॉडल की प्रेरणा विदेशों से मिली, जबकि भारत में इसकी शुरुआत जयपुर से हुई और अब चंडीगढ़ सहित कई शहरों में यह तेजी से विस्तार कर रहा है।टाइम बैंक ऑफ इंडिया साबित कर रहा है कि यदि समय को संपत्ति माना जाए, तो इंसानियत सबसे बड़ी पूंजी बन सकती
समय की पूंजी से बन रहा सहारा ट्राइसिटी में बढ़ रहा टाइम बैंक ऑफ इंडिया का दायरा
RELATED ARTICLES


