चंडीगढ़ 25 फरवरी 2026( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ में इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा, जबकि रंगों की होली 4 मार्च को धूमधाम से मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार 2 मार्च को शाम 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान भद्रा तो रहेगी, लेकिन भद्रा मुख नहीं होगा, इसलिए इस दिन होलिका दहन करना दोषमुक्त और शास्त्रसम्मत माना गया है।
सेक्टर-28 स्थित खेड़ा शिव मंदिर के पुजारी ईश्वर चंद्र शास्त्री के अनुसार, 2 मार्च को भद्रा मुख मध्यरात्रि 2:38 बजे से 3 मार्च सुबह 4:34 बजे तक रहेगा। वहीं 3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम 5:56 बजे तक रहेगी, लेकिन उस दिन प्रदोष काल का अभाव रहेगा और चंद्र ग्रहण का प्रभाव भी रहेगा। ऐसे में 2 मार्च को ही होलिका दहन करना शुभ रहेगा।3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम तक रहने के कारण उस दिन रंगोत्सव नहीं मनाया जाएगा। धुलेंडी का पर्व चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को मनाया जाता है, इसलिए इस वर्ष रंगों की होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।जलती हुई होलिका में डालें ये वस्तुएंसेक्टर-15 के जयश्रीराम ज्योतिष केंद्र के प्रमुख स्वामी राम बहादुर मिश्र ने बताया कि सूखे नारियल में सात लौंग, सात हरी इलायची, सात बादाम गिरी और घी-शक्कर भरकर जलती होलिका में अर्पित करने से वातावरण शुद्ध होता है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। होलिका की परिक्रमा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होने और स्वास्थ्य लाभ की मान्यता है।सेक्टर-18 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे के अनुसार, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व भक्त प्रह्लाद की विष्णु के प्रति अटूट आस्था और होलिका दहन की पौराणिक कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि दैत्यराज हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के लिए अपनी बहन होलिका को अग्नि में बैठने का आदेश दिया था, लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका जलकर भस्म हो गई।
चंडीगढ़ में 2 मार्च को होगा होलिका दहन, 4 मार्च को खेली जाएगी रंगों की होली
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