चंडीगढ़ 26 फरवरी 2026 ( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में सामने आए 590 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले के बाद जांच एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बैंक खातों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है। जिन खातों में संदिग्ध रकम ट्रांसफर होने की आशंका है, उन्हें एहतियातन सील कर जांच के दायरे में लिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह राशि करीब दो हजार खातों में पहुंची, जिसके चलते सभी संबंधित खाताधारक जांच के घेरे में आ गए हैं।इसी कार्रवाई के तहत चंडीगढ़ पुलिस के एक हवलदार संदीप कुमार का सैलरी अकाउंट भी फ्रीज कर दिया गया। हवलदार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसके खाते में गांव की जमीन के ठेके के 20 हजार रुपये आए थे, जिसके तुरंत बाद खाता सील कर दिया गया। अकाउंट फ्रीज होते ही वेतन और अन्य नियमित लेनदेन रुक गए, जिससे उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।मामले को लेकर चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि चंडीगढ़ से जुड़े मामलों की जांच हरियाणा पुलिस करे, क्योंकि मूल शिकायत वहीं दर्ज हुई है। अब प्रभावित खाताधारकों को अपनी बात रखने के लिए पंचकूला जाना पड़ सकता है।राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद कार्रवाई तेज हुई। पहले दिन लगभग 70 करोड़ रुपये होल्ड किए गए, जो बढ़कर 155 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, जांच पूरी होने और रकम की रिकवरी तक खाते फ्रीज रह सकते हैं। जिन खातों में संदिग्ध राशि पहुंची है, उनमें उतनी रकम के बराबर अमाउंट होल्ड रखा जा सकता है या संभावित नुकसान उठाना पड़ सकता है।बड़ी संख्या में खातों के फ्रीज होने से आम खाताधारकों में चिंता बढ़ गई है, जबकि जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
IDFC First Bank के 590 करोड़ फ्रॉड की आंच 2000 खाते फ्रीज, चंडीगढ़ पुलिस हवलदार का सैलरी अकाउंट भी सील
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