चंडीगढ़ 10 फरवरी 2026( आई 1 न्यूज़) चंडीगढ़।
हरियाणा सरकार ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने फैसला किया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं तक के प्रत्येक छात्र को सप्ताह में चार दिन 200 ग्राम दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों को मिल्कबार या पिन्नी भी दी जाएगी। यह योजना मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद लागू की गई है और इसे शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू किया जाएगा।हरियाणा इस योजना को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जहां बड़े छात्रों के लिए नियमित दूध वितरण की सरकारी व्यवस्था शुरू की जा रही है।प्रदेश में इस समय करीब 14,300 सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक लगभग 6.20 लाख विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में इस योजना का लाभ प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले सत्र में विद्यार्थियों की संख्या में बदलाव होने पर योजना के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।शिक्षा विभाग के अनुसार योजना के तहत पैक्ड दूध की खरीद की जाएगी। दूध की आपूर्ति के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के साथ एमओयू किया जाएगा। इस योजना पर सरकार को 35 से 40 करोड़ रुपये सालाना खर्च करने पड़ सकते हैं।विशेषज्ञों के अनुसार दूध में मौजूद कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन बच्चों की हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, मानसिक विकास में सहायक होते हैं और इम्युनिटी बढ़ाते हैं।
हरियाणा बना देश का पहला राज्य, सरकारी स्कूलों में 9वीं-12वीं के छात्रों को मिलेगा दूध और पिन्नी
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