नई दिल्ली 10 फरवरी 2026(आई 1 न्यूज़ ) नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट से प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। यह मामला उन हजारों शिक्षकों से जुड़ा है जो वर्षों से सेवा में हैं, लेकिन अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास नहीं कर पाए हैं। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि नौकरी में बने रहने और प्रमोशन पाने के लिए TET पास करना अनिवार्य है। इस फैसले का असर देश के कई राज्यों में कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों पर पड़ सकता है।सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और बच्चों के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए TET जरूरी शर्त है। कोर्ट के मुताबिक जो शिक्षक तय समयसीमा में TET पास नहीं कर पाए हैं, उन्हें नियमों के तहत या तो इस्तीफा देना होगा या फिर रिटायरमेंट का विकल्प अपनाना पड़ सकता है। हालांकि कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि में केवल पांच साल या उससे कम समय बचा है, उन्हें कुछ राहत दी जा सकती है।कोर्ट ने प्रमोशन को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना TET के किसी भी शिक्षक को पदोन्नति नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि भर्ती और प्रमोशन प्रक्रिया में TET नियम का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चार अहम सवाल बड़ी बेंच के सामने रखे हैं, जिनका संबंध आरटीई कानून और अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों से जुड़ा है। अब इन मुद्दों पर बड़ी बेंच का फैसला शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला बिना TET शिक्षकों की नौकरी और प्रमोशन पर संकट, बड़ी बेंच करेगी अहम मुद्दों पर सुनवाई
By eye1news
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