हरियाणा 26 फरवरी 2026( जगदीश कुमार ) हरियाणा के सरकारी खजाने में करीब 50 करोड़ रुपये की कथित सेंधमारी ने प्रशासनिक और बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य सतर्कता ब्यूरो (विजिलेंस) की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विकास एवं पंचायत विभाग के करोड़ों रुपये फर्जी दस्तावेजों और बैंक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से निजी खातों में ट्रांसफर किए गए।सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि एक चेक पर अंकों में 2.50 करोड़ रुपये दर्ज थे, जबकि शब्दों में ‘पच्चीस करोड़ करोड़’ लिखा गया था। इतनी बड़ी विसंगति के बावजूद चेक क्लियर कर दिया गया। जब विभाग ने निवेश की गई राशि वापस मांगी तो IDFC First Bank ने 50 करोड़ के बदले मात्र 1,27,44,689 रुपये ही लौटाए। इससे लगभग 48.72 करोड़ रुपये के गायब होने का खुलासा हुआ। विभाग ने इस बैंक में 50 करोड़ और AU Small Finance Bank में 25 करोड़ रुपये निवेश किए थे।जांच में यह भी सामने आया कि तत्कालीन महानिदेशक डी.के. बेहरा के फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग कर रकम निकाली गई, जबकि वे पहले ही पद छोड़ चुके थे। सरकारी खातों से धन एम/एस स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट नामक फर्म में ट्रांसफर हुआ, जहां से आगे ‘सावन ज्वेलर्स’ और ‘मानिक ज्वेलर्स’ सहित अन्य निजी खातों में रकम भेजी गई। आशंका है कि सोने की खरीद के जरिए धन को सफेद किया गया।विजिलेंस ने फर्म के साझेदारों और दो पूर्व बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। ट्रांजेक्शन के एसएमएस अलर्ट विभाग के एक सुपरिंटेंडेंट के मोबाइल पर जा रहे थे, जिससे उसकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जाली बैंक स्टेटमेंट तैयार कर विभाग को गुमराह करने और ऑडिट के दौरान गड़बड़ी पकड़ में न आने से मामला और गंभीर हो गया है।
रिपोर्ट में Haryana State Pollution Control Board और Municipal Corporation Panchkula के खातों में भी इसी तरह की अनियमितताओं की आशंका जताई गई है, जिससे यह संभावित “पैन-हरियाणा” घोटाला माना जा रहा है। अब सबकी नजर विजिलेंस की आगे की जांच और निजी डायरी से खुलने वाले राज पर टिकी है।
हरियाणा में 50 करोड़ की सेंधमारी 2.50 करोड़ के चेक पर ‘पच्चीस करोड़’ लिखकर खेल, बैंक पर मिलीभगत के आरोप
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