चंडीगढ़ 13 मार्च 2026 आई 1 न्यूज़ वीनस इलेक्ट्रिकल के संचालक इंजीनियर मदन गोयल ने चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी फर्म पिछले 26 वर्षों से चंडीगढ़ प्रशासन में रजिस्टर्ड है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें एनलिस्टमेंट (सूचीबद्ध) नहीं किया गया।
मदन गोयल के अनुसार कई ऐसे लोगों की एनलिस्टमेंट कर दी गई जो पात्र (एलिजिबल) भी नहीं थे, जबकि उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया कि वह ऑनलाइन फीस भी जमा कर चुके हैं और इसकी रसीद भी अधिकारियों को दिखा चुके हैं, लेकिन विभाग का कहना है कि फीस अभी सर्वर में रिफ्लेक्ट नहीं हो रही है। गोयल का कहना है कि अगर सर्वर में तकनीकी समस्या है तो इसमें उनका क्या कसूर है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई अधिकारी डेपुटेशन पर आकर वर्षों से एक ही विभाग में काम कर रहे हैं और पूरे सिस्टम में भ्रष्टाचार फैला हुआ है। उनके अनुसार विभाग में काम कराने के लिए “मोटा पैसा” मांगा जाता है।मदन गोयल ने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चंडीगढ़ आए थे, उस दौरान उनसे करीब 14–15 लाख रुपये का काम करवाया गया, लेकिन उस काम का भुगतान अब तक नहीं किया गया।उन्होंने बताया कि अपनी समस्या को लेकर वह अब तक 51 बार ई-मेल के माध्यम से शिकायत भेज चुके हैं, लेकिन किसी भी ई-मेल का जवाब नहीं मिला। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।
“चंडीगढ़ प्रशासन में भ्रष्टाचार का आरोप 26 साल से रजिस्टर्ड इंजीनियर ने भुगतान और एनलिस्टमेंट में अनियमितताओं पर उठाए सवाल
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