आई 1 न्यूज़ मोहाली 26 जून 2026 मोहाली के सॉलिटेयर इमिग्रेशन ने यूरोप के समृद्ध देश लक्ज़मबर्ग में नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने सॉलिटेयर इमिग्रेशन पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने उन्हें लक्ज़मबर्ग में रोजगार दिलाने का भरोसा देकर बड़ी रकम वसूली, लेकिन न नौकरी मिली और न ही उनका पैसा वापस किया गया।
पीड़ितों के अनुसार वीज़ा प्रक्रिया के तहत उन्हें मेडिकल जांच अनिवार्य बताई गई। इसके लिए उन्हें सेक्टर-44 स्थित ओम डायग्नोज़ लेबोरेटरी भेजा गया जहां उनके ब्लड सैंपल लिए गए और फिटनेस सर्टिफिकेट भी जारी किया गया। हालांकि उनका आरोप है कि मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें न तो लक्ज़मबर्ग भेजा गया और न ही जमा कराई गई राशि लौटाई गई।
इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर लोगों से धन वसूला गया? क्या मेडिकल जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई? साथ हीbक्या कोई निजी लैब अपने स्तर पर किसी व्यक्ति को विदेश यात्रा के लिए फिट घोषित कर सकती है या इसके लिए संबंधित देश और अधिकृत एजेंसियों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होता है? इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
पीड़ितों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी राशि वापस लेने के लिए कंपनी के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उनकी मेहनत की कमाई वापस दिलाई जाए। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल, इन आरोपों पर कंपनी और संबंधित लैब का पक्ष जानने के लिए कंपनी मालिकों को संपर्क किया जा रहा है पर उनकी तरफ से कुछ भी इस घटनाक्रम पर अभी तक कहा नहीं गया उनका कहना है कि मिलकर बात करते हैं


